युवायूपीराजनीतिराज्यलोकल न्यूज़

बदायूं में डॉ. शैलेश पाठक का शक्ति प्रदर्शन: 1000 गाड़ियों के काफिले और जनसैलाब के साथ रचा इतिहास

बदायूं में डॉ. शैलेश पाठक का शक्ति प्रदर्शन: 1000 गाड़ियों के काफिले और जनसैलाब के साथ रचा इतिहास

 

बदायूं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यकारिणी में बतौर सदस्य शामिल होने के बाद डॉ. शैलेश पाठक का प्रथम जनपद आगमन बदायूं की सियासत में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बन गया। बुधवार को कछला से लेकर दातागंज तक निकले उनके स्वागत रोड शो में समर्थकों का ऐसा अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा कि पूरा जिला फूलों की वर्षा, आतिशबाजी और गगनभेदी नारों से गूंज उठा। काफिले में शामिल करीब 500 से 1000 गाड़ियों के चलते शहरों की रफ्तार थम गई और चारों तरफ सिर्फ उत्सव जैसा माहौल नजर आया। इस बड़े शक्ति प्रदर्शन ने जिले की राजनीतिक हलचल को चरम पर पहुंचा दिया है।

डॉ. पाठक के जिले की सीमा में प्रवेश करते ही नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश लोनिया, उझानी ब्लॉक प्रमुख शिशुपाल शाक्य और गंगा आरती संयोजक नीरज मिश्रा के नेतृत्व में समर्थकों ने पलक-पावड़े बिछाकर उनका स्वागत किया।

मोहित राज शर्मा, कृपा राम शर्मा और शंकर गुप्ता की अगुवाई में सैकड़ों गाड़ियों के साथ कार्यकर्ताओं ने अपनी ताकत दिखाई। यहाँ स्थानीय कार्यकर्ता किशन शर्मा सहित अन्य लोगों में भारी उत्साह दिखा।

 

लाइन और इंद्रा चौक होते हुए काफिला जैसे ही भाजपा कार्यालय पहुंचा, वहाँ जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, बदायूं विधायक महेश गुप्ता, अमित कुमार सिंह, शैलेंद्र शर्मा, मुनीश पंडित, आशीष, उमेश राठौर, जुगेंद्र राठौर, केशव सिंह और सुनील राठौर सहित तमाम पार्टी पदाधिकारियों ने गर्मजोशी से डॉ. पाठक का अभिनंदन किया।

 

रोड शो का सबसे भव्य नजारा दातागंज में देखने को मिला। यहाँ जनसैलाब इस कदर उमड़ा कि डॉ. पाठक को अपनी गाड़ी छोड़कर समर्थकों के बीच पैदल चलने के लिए विवश होना पड़ा। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक भांगड़े की थाप के बीच दातागंज विधायक महेश गुप्ता व स्थानीय नेताओं ने उनकी अगवानी की। इस दौरान डॉ. पाठक ने प्रसिद्ध मंदिरीया देवी मंदिर और अस्तल मंदिर जाकर माथा टेका और आशीर्वाद लिया।

 

अपनी इस यात्रा के दौरान डॉ. शैलेश पाठक ने राष्ट्रवाद और महापुरुषों के सम्मान का संदेश भी दिया। उन्होंने जिले के विभिन्न प्रमुख चौकों पर रुककर प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया, जिनमें शामिल हैं:

• परशुराम चौक

• भामाशाह चौक

• महाराणा प्रताप चौक

• कल्याण चौक (पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह प्रतिमा)

• वीरांगना चौक (रानी लक्ष्मीबाई स्मारक)

समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदायूं के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े और भव्य स्वागत आयोजनों में से एक है। इतनी भारी भीड़ और गाड़ियों के लंबे काफिले को संभालने के लिए प्रशासन भी मुस्तैद रहा। डॉ. पाठक के इस धमाकेदार स्वागत ने आने वाले दिनों के लिए जिले के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!