
सपा का ‘मिशन बदायूं’: भाजपा छोड़ अखिलेश के साथ आए पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और सिनोद शाक्य
लखनऊ/बदायूं:
उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारे से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है, जहां बदायूं जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक साथ दो बड़े झटके लगे हैं। बिसौली से भाजपा के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर और दातागंज से दो बार के पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य ने आधिकारिक तौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई

नेताओं के पाला बदलने की मुख्य वजहें:
• कुशाग्र सागर का मोहभंग: बिसौली से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने बीते 21 अक्टूबर को ही भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। उनका आरोप था कि 11 साल तक समर्पित रहने के बाद भी पार्टी में उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। क्षेत्र में चल रही अंदरूनी राजनीतिक खींचतान और उपेक्षा के कारण उन्होंने सपा में शामिल होने का फैसला किया।
• सिनोद शाक्य की घर वापसी: दातागंज से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर दो बार (2007 और 2012) विधायक रह चुके सिनोद कुमार शाक्य की लगभग साढ़े चार साल बाद समाजवादी पार्टी में वापसी हुई है। साल 2022 के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद वे भाजपा में चले गए थे, लेकिन अब वे दोबारा सपा के पाले में लौट आए हैं।
बदायूं जिले में इन दोनों कद्दावर नेताओं के पाला बदलने से स्थानीय राजनीति पूरी तरह गरमा गई है।
कुशाग्र सागर और सिनोद शाक्य दोनों ही क्षेत्र के मजबूत और प्रभावशाली ओबीसी (OBC) चेहरे माने जाते हैं। आगामी चुनावों से ठीक पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव का यह दांव बिसौली और दातागंज सीटों समेत पूरे बदायूं जिले के जातीय समीकरणों को पूरी तरह उलट-पुलट कर सकता है, जिससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रही हैं।




